दुकानदार का विरोध '' नागदा जिला ना बनायें ''

 


नागदा

नागदा जिला बने इसके लिये शहर के हर राजनैतिक दलों के नेताओं से लेकर तमाम सामाजिक संस्थाऐं हर संभव प्रयास कर रहीं हैं और ऐसी संभावनाऐं भी जताई जा रही हैं कि शहर वासीयों की सालों पुरानी मांग को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान 20 जुलाई को अपने नागदा दौरे पर पुरा भी कर दें मगर इसी बीच एक दुकानदार ने नागदा को जिला बनाए जाने का विरोध करते हुए दशहरा मैदान के समीप गुरूद्वारे पर स्थित अपनी टैलरिंग कि दुकान के बाहर एक फ्लैक्स लगा दिया है जिस पर लिखा है ‘‘ वर्तमान माननीय नागदा जिला ना बनाऐं ‘‘ जिले का विरोध करने वाले व्यक्ति का नाम आनंद गोथरवाल है।

आनंद से जब हमने फोन पर चर्चा कि और उनसे पुछा की आप नागदा को जिला बनाये जाने का विरोध क्यों कर रहे हो ? तो उन्होंने कहा की यदि नागदा जिला बनता है तो यहां स्थापित उद्योग चले जाऐंगे ऐसे में शहर में बेरोजगारी बढ़ने की संभावना है यदि जिला ना भी बने तो भी चलेगा लेकिन नागदा जिला बना और उसकी वजह से यहां रोजगार की जगह बेरोजगारी बढ़ गयी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। गोथरवाल ने उदाहरण देते हुए कहा की उज्जैन इंदौर जैसे महानगरों में कोई बडा उद्योग क्यों नहीं है और जो थे वे सब बंद हो गए अपने इस तर्क को समझाते हुए आनंद ने कहा की शहर में ऐसे कई नेता और शिकायतकर्ता हैं जो उद्योग की शिकायत हर दिन करते रहते हैं जब नागदा जिला बन जाएगा तो सारे अधिकारी यहीं होंगे। ऐसे में उद्योग को ब्लैकमेल करने वाले लोग हर दिन इसकी शिकायत करते फिरेंगे जिससे परेशान होकर एक दिन यहां के उद्योग यहां से पलायन कर जाऐंगे। हालांकि यह सब तर्क आनंद गोथरवाल के अपने निजी हैं। हमने आनंद से यह भी पुछा की जिस बात की आप संभावना उद्योग को लेकर जता रहे हैं उद्योग कि तरफ से ऐसी कोई बात कभी नज़र ही नहीं आयी तो आनंद ने जवाब दिया कि उद्योग क्या सोचता है क्या करता है यह उद्योग का विषय मैंने अपना डर अपनी संभावना जाहीर कि है। आनंद ने बताया की यह केवल उनका अकेले का ही डर नहीं बल्कि कई लोगों और व्यपारीयों का है बस कोई खुल कर कह नहीं पा रहा। आनंद का यह भी कहना है कि क्या नागदा जिला बनने से यहां भूमाफिया जमीनों पर कब्जा करना छोड़ देंगे शहर के चारों दिशाओं में फैली गंदगीयां साफ हो जाऐंगी ? भाईसाहब कुछ नहीं बदलने वाला बस कुछ बदलेगा तो इतना की उद्योग बंद हो जाऐंगे।

आनंद ने बातचीत में आगे बताया कि मुख्यमंत्री के आने तक कई लोग विरोध स्वरूप सामने आ सकते हैं। हालांकि आनंद ने यह भी कहा की उनका विरोध गांधीवादी तरिके से ही होगा और वे सिर्फ अपनी दुकान के बाहर फ्लैक्स लगा कर ही विरोध करेंगे यदि संभव हुआ तो सभा स्थल पर भी अपने तरीके से विरोध प्रकट कर सकते हैं।


आनंद गोथरवाल शहर के प्रसिद्ध गोथरवाल रेस्टोरेंट के संचालक हैं आनंद टेलरिंग का भी काम करते हैं।