नागदा। (उज्जैन)
शुक्रवार को राजस्व विभाग का अमला डॉ लहरी दंपत्ति (स्व डॉ विनोद लहरी और उनकी पत्नी डॉ विद्या लहरी) का मकान कुर्क करने के लिए पहुंचा इस कार्यवाही को जब अंतिम रूप दिया जा रहा था तब डॉ विद्या लहरी और उनकी बेटी फुट फुट कर रोने लगी और शहर वासियों से मदद की गुहार लगाती रही, डॉ विद्या लहरी ने कहा इस नागदा में हम लोगों से सेवाएं दी हैं हमारे पास अब कुछ नहीं बचा यह शहर हमारी मदद करें हम पर झूठे आरोप लगा कर कार्यवाही की गई। बता दें की राजस्व विभाग ने यह कार्यवाही आय से अधिक संपत्ति के मामले में की है।लगभग 1 वर्ष पूर्व डॉक्टर विनोद लहरी की मृत्यु हो चुकी है।
मामला एक नजर में
लगभग 10वर्ष पूर्व फरवरी 2012 में एक गोपनीय शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने चिकित्सालय मार्ग गली नंबर एक स्थित डॉ. लहरी के घर पर छापामार कार्रवाई की थी। डॉ दंपत्ति के घर से नकदी व विभिन्न अचल संपत्तियों के दस्तावेज लोकायुक्त टीम ने जब्त किए थे। सितंबर 2014 को डॉ. लहरी दंपती के खिलाफ अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। हालांकि बाद में कुछ कानूनी मापदंडों की अनदेखी से अभियोग पर सुनवाई 24 जनवरी 2017 से शुरू हो पाई। प्रकरण में यह सामने आया कि लहरी दंपती ने 1 दिसंबर 2000 से 10 फरवरी 2012 के मध्य कुल 1 करोड़ 76 लाख 62 हजार 816 रुपए की आय अर्जित की। जबकि इसके विपरीत डॉ. दंपती ने 5 करोड़ 87 लाख 77 हजार 188 रुपए का व्यय किया। इस तरह कुल 4 करोड़ 11 लाख 13 हजार 554 रुपए यानी आय से 232 प्रतिशत अधिक संपत्ति अवैध तरीके से कमाई है। जिसे राजसात किया गया है।आज हुई कार्यवाही में डॉक्टर लहरी दंपत्ति का मकान भी कुर्क कर लिया गया।
इन संपत्तियों को किया जा चुका है जप्त
मप्र विशेष न्यायालय अधिनियम 2011 के अंतर्गत गठित विशेष न्यायालय इंदौर के विशेष न्यायाधीश तथा प्राधिकृत अधिकारी गंगाचरण दुबे ने पद का दुरुपयोग कर अनुपातहीन कमाई के मामले में नागदा के डॉ. लहरी दंपती की 4 करोड़ 11 लाख रुपए की संपत्ति राजसात करने का फैसला 31 दिसंबर 2023 को सुनाया था। पारित आदेश में कहा था कि उक्त चल-अचल संपत्ति का आधिपत्य कलेक्टर जिला उज्जैन के आधिपत्य में सौंपा जाए जिसके बाद डॉ. लहरी की 33 संपत्तियों को राजसात किया गया है। इसमें अधिकांश अचल संपत्तियां बेटे डॉ. अभिषेक लहरी के नाम पर दर्ज है। जब्त संपत्तियों में औद्योगिक क्षेत्र उज्जैन में 10 हजार वर्ग फीट का प्लाट, नानाखेड़ा उज्जैन के अर्पित एन्क्लेव में एक मकान, एमआईजी इंदिरा नगर उज्जैन में एक भवन, खिलचीपुर तहसील घट्टिया में एक वेयर हाउस, ग्राम लोहार पिपलिया जिला देवास में जमीन है जिनका मूल्य लाखों रुपए में है। इसके अलावा नागदा व आसपास के गांवों में कई बीघा जमीनें हैं। राजसात हुई कुल 33 संपत्तियों पर अब जिला कलेक्टर का आधिपत्य रहेगा।